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शैलकृत विष्‍णु मंदिर (सत्‍यमूर्ति पेरूमल मंदिर)

शैलकृत विष्‍णु मंदिर (सत्‍यमूर्ति पेरूमल मंदिर)

Rock-cut Vishnu temple

विष्‍णु को समर्पित यह गुफा मंदिर एक मुत्‍तरैय्यर उत्‍खनन है जैसा कि एक उत्‍कीर्ण लेख द्वारा सत्‍यापित है जिसमें सत्‍तन मारन जिसे विदेलविदुगु विलुपेरादियारैयन भी कहा जाता था और जो पल्‍लव राजा, नंदीवर्मन-।। पल्‍लवमल्‍ला (731-796) का समकालीन तथा उसका जागीरदार था, की मां पेरूम्‍बिदुगु पेरूमदेवी द्वारा इस मंदिर के जीर्णोद्धार तथा धर्मदाय का वर्णन है। फिर भी, यह मंदिर कुछ पुराना है और सातवीं शताब्‍दी के अंतिम दशकों की अवधि का है।

इस मंदिर में आयताकार गर्भगृह के सामने अर्द्धमंडप है। गर्भगृह में आदिशेष नाग पर लेटे हुए अनंतशायी विष्‍णु जिनकी छाती पर लक्ष्‍मी जी बैठी हैं, का सुन्‍दर तथा रोमांचक चित्रण है। इन्‍हें अन्‍य देवताओं जैसे गरूड़, चित्रगुप्‍त, मार्कण्‍डेय, ब्रह्मा, देवों और वसुओं तथा किन्‍नरों से घिरा हुआ दर्शाया गया है। भगवान के पैरों के निकट दो असुर हैं तथा वहाँ भूदेवी को आश्रय दिया गया है।

8वीं शताब्‍दी के एक वैष्‍णव संत, तिरूमंगई अलवार ने इस देवता का गुणगान किया है। इस परिसर में बाद की अवधियों की कई अन्‍य संरचनाएं हैं। कुछ कांस्‍य प्रतिमाएं जो अब मंदिर में सुरक्षित हैं, 8वीं-9वीं शताब्‍दी ई. अवधि की हैं।

प्रात: 9.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्क: भारतीय नागरिक और सार्क देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव और अफगानिस्तान) और बिमस्टेक देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, थाईलेंड और म्यांमार) के पर्यटक 15/-रूपए प्रति व्‍यक्‍ति
अन्‍य: 200/- रूपए प्रति व्‍यक्‍ति।

(15 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है)

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