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टिकट द्वारा प्रवेश वाले स्मारक-तमिलनाडु

Rock-cut Siva temple

शिव को समर्पित यह गुफा मंदिर, 7वीं-8वीं शताब्‍दी ई. में पांड्यों का उत्‍खनन लगता है। गुफा मंदिर में मूल चट्टान को काट कर बनाए गए लिंग सहित एक गर्भगृह है जो अर्धमंडप की ओर खुलता है। अर्धमंडप में एक स्‍तंभ है जिसका ऊपरी भाग वर्गाकार है तथा नीचे के हिस्‍से में बीच में अष्‍टभुजाकार शॉफ्ट है। गर्भगृह के दूसरी ओर लिंगोद्भव तथा अर्धमंडप में गणेश की उभरी हुई नक्काशी है। अर्धमंडप में मूल चट्टान में नंदी की आकृति भी उकेरी गई है। दो द्वारपाल गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर पहरा दे रहे हैं।

स्‍मारक की सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण विशेषता यह है कि यहाँ संगीत संबंधी एक वैसे ही उत्‍कीर्ण लेख के अवशेषों की मौजूदगी है जैसा कि कुदुमियनमलई में पूर्ण रूप से संरक्षित है। दुर्भाग्‍यवश, यह उत्‍कीर्ण लेख 13वीं शताब्‍दी में नष्‍ट हो गया था। इस स्‍थान का प्रयोग इस मंदिर तथा इसके साथ लगे विष्‍णु मंदिर के ट्रस्‍टियों के बीच हुए विवाद में होयसाल जनरल अप्‍पन्‍ना द्वारा अधिकरण का फैसला दर्ज करने के लिए उत्‍कीर्ण लेख लिखने हेतु किया गया था। फिर भी ग्रंथम् लिपि में स्‍वर (नोट्स) बनने वाले कुछ वर्ण तथा पुष्‍पिका परिवाधिनिदा (पर्वधिनि, एक तार वाद्य यंत्र) तथा समकालिक तमिल महापुरुषों में गुणसेन नाम अभी भी पढ़े जा सकते हैं। इस मंदिर में बाद की अवधियों के भी कुछ अभिलेख हैं। बाद की अवधियों में इस गुफा मंदिर के आसपास कई अन्‍य संरचनाएं निर्मित की गईं।

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