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राम नगर महल, उधमपुर

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राना महल, राजा सुचेत सिंह (1801-1844 ईसवी) द्वारा बनवाया गया था। यह महल कक्षों का एक बड़ा परिसर है जो तीन मंजिला है और इसकी दीवारें ऊंची हैं। नियमित अंतरालों पर निगरानी बुर्ज बने हैं। कक्षों की दीवारें गचकारी कार्य से सजी हैं और उन पर फूलों के डिजाइन बने हैं। लकड़ी की छतों को भी सजाया गया है।

नवा महल राजा रणबीर सिंह के पुत्र, राजा राम सिंह द्वारा बनवाया गया था। इसके भीतर एक आंगन है जिसके चारों ओर कक्ष हैं और एक दूसरे के आमने-सामने दो प्रवेश द्वार हैं।

शीश महल परिसर राजा राम सिंह (1801-1844 ईसवी) द्वारा बनवाया गया था। इसके दो अग्र प्रांगण हैं जिनके कोनों पर बुर्जियां बनी हैं। इनके पीछे मध्य मार्ग के दोनों ओर हॉल और कक्ष बने है। द्वार के बाईं ओर दरबार हॉल, शीश महल, और रंग महल हैं। दाईं ओर एक चापाकार बरामदा है जिसके पिछले भाग में कक्ष हैं। दरबार हॉल में भित्ति-चित्र के दृश्य हैं जिन पर रामायण, भागवत और पुराणों से लिए गए अन्य प्रसंग चित्रित किए गए हैं। इन पर राजा सुचेत सिंह से संबंधित युद्घ के दृश्य भी चित्रित है। दरबार हॉल के निकट ही शीश महल है जिसकी दीवारें विभिन्न डिजाइनों में विन्यसित महीन कांच के काम से सजी है और बाद में अश्मलेख हैं। रंगमहल की दीवारों से लगता हुआ शीश महल है जिसकी दीवारों पर शीशे लगे हैं और पैनलों पर नायिकाओं, रागिणियों और कृष्ण लीला के दृश्यों वाले भित्ति-चित्र हैं। शिकार खेलने और राजदरबार के चित्र भी हैं।

स्मारक सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला है।

प्रवेश शुल्क:

भारतीय नागरिक और सार्क देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव और अफगानिस्तान) और बिमस्टेक देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, थाईलेंड और म्यांमार) के पर्यटक- 15/-रूपए प्रति व्यक्ति
200/- रूपए प्रति व्यक्ति

(15 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है)।

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