"All Centrally Protected Monuments & Museums of ASI will remain closed till 31.05.2021 or until further orders due to COVID situation."

रहीम-खाने-खानां का मकबर

rahim-khane-khanam-tomb

बैरम खान के पुत्र, मिर्जा ‘अबदुर-रहीम-खान-ए-खानां, जिसने अकबर और जहांगीर दोनों के शासन काल में सेवा की थी, एक प्रसिद्ध विद्वान था जिसे अनेक भाषाओं की जानकारी थी। उसने रहीम के नाम से हिन्दी में दोहे लिखे हैं और निजामुद्दीन के निकट उसका बड़ा मकबरा बना हुआ है। मूल रूप से इस मकबरे पर लाल बलुआ पत्थर लगाया गया था जिसे संगमरमर और अन्‍य पत्‍थरों के प्रयोग द्वारा उभारा गया। इसका डिजाइन हुमायूँ के मकबरे के समान है। इसके भीतरी भाग को उत्कीर्णन और चित्रित पलस्‍तर से सजाया हुआ है। इस मकबरे के पत्थरों को बाद में सफदरजंग का मकबरा बनाने के लिए प्रयोग किया।

स्मारक सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्क:- भारतीय नागरिक और सार्क देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव और अफगानिस्तान) और बिमस्टेक देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, थाईलेंड और म्यांमार) के पर्यटक- 5/-रूपए प्रति व्यक्ति
अन्य- 2 अमरीकी डालर या 100/- रूपए प्रति व्यक्ति

(15 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है)

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