"No fee shall be charged at Bodh Stupa, Sanchi, M.P on 28th November, 2021 on account of Sanchi Mahotsav, 2021""Internship Programme in Archaeological Survey of India-reg."

संग्रहालय-श्रीरंगपटना

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टीपू सुल्‍तान संग्रहालय श्रीरंगपटना
(मांडया जिला, कर्नाटक)


यह संग्रहालय दरिया दौलत बाग में स्‍थित है जो राष्‍ट्रीय महत्‍व का एक प्राचीन स्‍मारक है। इस महल के भूतल में मौजूद और अधिकतर टीपू सुल्‍तान से संबंधित संग्रहालय की प्रदर्शित वस्तुओं में तैलचित्र, पेंसिल रेखाचित्र, जल-रंग का आभास देने वाले चित्र (एक्‍वाटिंट) और उत्‍कीर्णन, सिक्‍के और मेडल, परिधान, फर्नीचर, शस्‍त्र, इत्‍यादि शामिल है।

1800 में सर राबर्ट केर पोर्टर द्वारा ‘श्रीरंगपटम’ पर आक्रमण पर बनाया गया तैलचित्र एक महान ऐतिहासिक चित्र है जिसमें दिनांक 4 मई, 1799 को श्रीरंगपटना पर अंतिम रूप से कब्‍जा कर लिए जाने को दर्शाया गया है। इसमें जनरल बेयर्ड, सर्जेंट ग्राहम, कर्नल डनलप जैसे अनेक अंग्रेज अधिकारियों को दिखाया गया है। टीपू के सैनिक पुल पर जबरदस्‍त मुकाबला कर रहे हैं। पृष्‍ठभूमि में, किले की दीवारों के पीछे टीपू के महल के भाग, मस्‍जिद की मीनारें और रंगनाथ स्‍वामी मंदिर का गोपुरा दर्शायी गई है।

टीपू सुल्‍तान के मानव-चित्र में उसे एक पगड़ी, एक धारीदार कुर्ता, एक हार, एक कमरपेटी और एक दूसरे को काटती हुई धड़ पर पहनी हुई नगीना जड़ित बेल्‍ट, जिसमें एक तलवार लगी है, पहना हुआ दिखाया गया है। इसके कलाकार जी.एफ. चेरी थे जिन्‍होंने इसे 1792 में बनाया था। जॉन जोफ्फैनी द्वारा 1780 में चित्रित किया गया राजकुमार के रूप में टीपू सुल्‍तान का एक अन्‍य मानव-चित्र प्रदर्शित किया गया है।

राबर्ट होम द्वारा 1792-95 के बीच बनाए गए एक अन्‍य ऐतिहासिक चित्र में टीपू के पुत्र अब्‍दुल खालिक और मैजुद्दीन, गुलाब अली खान के साथ बंदी राजकुमार को दर्शाया गया है, टीपू के वकील को एक वाहक कुर्सी में बैठा दिखाया गया है और पृष्‍ठभूमि में एक अंग्रेज व्‍यक्‍ति, जो संभवत: लार्ड कार्नवालिस का वैयक्‍तिक सचिव कैप्‍टन केन्‍नावे हैं, को टीपू के एक अन्‍य वकील अली रज़ा खान के साथ, जिन्‍होंने एक संधि-दस्तावेज पकड़ रखा है, विचार-विमर्श करते दिखाया गया है।

पेंसिल से बनाए गए अट्ठारह चित्र प्रदर्शित किए गए हैं और इनमें टीपू सुल्‍तान के सात पुत्रों- फतह हैदर, अब्‍दुल खालिक, मैजुद्दीन, मोहिउद्दीन, यासिन साहिब, सुल्‍तान साहिब और शुक्‍रूल्‍लाह, उसके वकील गुलाम अली खान और अली रज़ा खान- कमांडर गुलाम अली खान, बदरूज जमां खाना, शेख हुसैन, उसके साथी और गोपनीय सेवक रज़ा खान तथा वरिष्‍ठ द्वारपाल फिरूज़ साउत के चित्र शामिल हैं। मीर आलम, निज़ाम के मंत्री, उसका पुत्र मीर दाउरन, कृष्‍ण राजा बोडेयार-III और उसके मामा नंदी राजा के चित्र भी प्रदर्शित किए गए हैं। ये चित्र अंग्रेज कलाकार थॉमस हिक्‍के द्वारा 1799-1801 के बीच श्रीरंगपटना और वेल्‍लोर में बनाए गए।

ईस्‍ट इंडिया कंपनी के कुछ सैनिक प्रतिभावान कलाकार थे जिन्‍होंने अपने शिविर-स्‍थानों से दिखाई पड़ने वाले किलों, इमारतों और प्राकृतिक दृश्‍यों के चित्र बनाए। मूल स्‍थान पर बनाई गई तस्‍वीरों का बाद में उत्‍कीर्णन और (एक्‍वाटिंट) ताम्रपत्र पर उत्‍कीर्णन के लिए उपयोग किया गया जिससे इनकी बड़ी संख्‍या में प्रतिलिपियां तैयार हो गई। टीपू सुल्‍तान के विभिन्‍न किलों को दर्शाने वाले अनेक (एक्‍वाटिंट) ताम्रपत्र-उत्‍कीर्णन के अलावा, ‘बंदी राजकुमारों से मिलता हुआ कार्नवालिस’ और श्रीरंगपटना की रक्षा हेतु ‘टीपू सुल्‍तान का अंतिम प्रयास’ वाली उत्‍कीर्ण-कृतियों की दो प्रतियां भी प्रदर्शित की गई हैं।

दर्शाए गए विभिन्‍न मूल्‍य-वर्गों के सिक्‍कों में दो पैसा, पैसा, आधा पैसा, चौथाई पैसा और 1/8 पैसा शामिल है जो टीपू सुल्‍तान द्वारा बंगलोर, कालीकट, चितलदुर्ग, डिंडिगुल, गूटी और श्रीरंगपटना के विभिन्‍न टकसालों से जारी किए गए थे। अंग्रेजों द्वारा टीपू पर अपनी विजय का उत्‍सव मनाते हुए जारी किए गए चांदी, तांबे और कांस्‍य जैसी विभिन्‍न धातुओं के मेडल भी प्रदर्शित किए गए हैं।

अन्‍य प्रदर्शित वस्‍तुओं में टीपू का परिधान, एक पायजामा, एक रेशमी कोट और एक फूस की टोपी, रंगनाथस्‍वामी मंदिर में उसके द्वारा भेंट किए गए चांदी के दो कटोरे, हाथ से बनाए गए कागज पर सैनिकों की विनियम-संहिता से संबंधित फारसी की एक पांडुलिपि, कुर्सियां, पीठ वाला सोफा, पलंग और शीशम की गोलमेज, पीतल की तोप, छुरे, तलवारे, पिस्तौलें और बंदूकें तथा लोहे की तोपें उल्‍लेखनीय हैं।

खुले रहने का समय : 9.00 बजे पूर्वाह्न से 5.00 बजे अपराह्न तक

प्रवेश शुल्‍क : भारतीय नागरिकों के लिए 15/- रू. प्रति व्‍यक्‍ति

अन्य के लिए 200/- रू. प्रति व्‍यक्‍ति।

(15 वर्ष तक के बच्‍चों के लिए नि:शुल्‍क)

विश्व धरोहर स्थल
स्मारकों की सूची
संपर्क विवरण
    श्री गुरु के बागी
    सहायक अधीक्षक पुरातत्त्ववेत्ता,
    टीपू सुल्तान संग्रहालय,

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण,
    दरिया दौलत बाग,
    श्रीरंगपट्टन, जिला मंड्या, कर्नाटक
    फोन: 08236-252023

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