"Internship Programme in Archaeological Survey of India-reg.""Closure of Red Fort, Delhi on the Occasion of Independence Day Celebrations"

टिकट द्वारा प्रवेश वाले स्मारक-तमिलनाडु डिंडीगल किला

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चेन्नई से 400 कि.मी. की दूरी पर स्‍थित डिंडीगल सामरिक महत्‍व का एक स्थल है जो घाटी में ऊँचे स्‍थान पर स्‍थित है जहाँ से उत्‍तर मध्‍य काल में कर्नाटक देश की फौजों ने मदुरई में प्रवेश किया था। संभवत: मदुरई के नायकों ने घाटी के ऊपर एक प्रमुख ऊँचे स्‍थान-एक चट्टान पर पहले किलेबंदी की ताकि अपने देश को मैसूर की सेना से बचाया जा सके। तथापि, ऐसा प्रतीत होता है कि हैदर अली ने इस किले का काफी हद तक पुन: निर्माण करवाया क्‍योंकि कर्नाटक युद्धों के दौरान इस क्षेत्र में अंग्रेजों पर आक्रमण करने के लिए उसने इसका आक्रमण करने के लिए प्रक्षेपण स्‍थल के रूप में प्रयोग किया। अंतत: अंग्रेजों ने 1790 में इस पर कब्‍जा कर लिया तथा 1860 तक इसमें रक्षक सेना रखी। इस किले की अनियमित आवरण दीवार सफाई से काटे गये व जोड़े गये पत्‍थरों से भलीभांति निर्मित, पंक्‍तिबद्ध तथा अंतत: प्रस्‍तर खंडों को ईंट के परकोटों से जोड़ती थी। सेना के प्रयोग के लिए परकोटों में कई प्रकोष्‍ठ हैं। शिखर पर ईंट की कई संरचनाएं हैं जो संभवत: ब्रिटिश अवधि में निर्मित करवाई गईं। सामरिक महत्‍व के इस स्‍थान पर शिखर पर एक उन्‍मुक्‍त रूप से खड़ा गोलाकार बुर्ज है जहाँ कई तोपे लगाई गई थीं। यहाँ एक अंग्रेजी मूल की तोप है जिसे अब बुर्ज के ऊपर रखा गया है।

जैसाकि उत्‍कीर्ण लेखों में बताया गया है, विजयनगर के शासकों ने शिखर पर मंदिरों का निर्माण करवाया था। इनमें केन्‍द्रीय मंदिर के बारीकी से उत्‍कीर्णित वास्‍तुकलात्‍मक घटकों तथा सांचे में गढ़ी हुई ईंटों से अधिसंरचना की बनावट उल्‍लेखनीय है। नक्‍काशी की शैली से कर्नाटक के सेलखड़ी पत्‍थर पर लुप्‍त होती हुई सुकुमार कलात्‍मक परम्‍पराओं के प्रभावों का स्‍मरण होता है। मंदिर के एक उत्‍कीर्ण लेख में डिंडीगल के तांबिरानार (मुख्‍य देवता) को विजयनगर के राजा कृष्‍णदेवराय द्वारा दिए गए दान को दर्ज किया गया है।

प्रात: 9.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्‍क: भारत के नागरिक और सार्क देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव और अफगानिस्तान) तथा बिमस्टेक देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, थाईलेंड और म्यांमार के पर्यटक 25/रुपए प्रति व्‍यक्‍ति
अन्‍य: 300 रुपए प्रति व्‍यक्‍ति
(15 वर्ष तक के बच्‍चों के लिए नि:शुल्‍क)

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