"No fee shall be charged at Bodh Stupa, Sanchi, M.P on 28th November, 2021 on account of Sanchi Mahotsav, 2021""Internship Programme in Archaeological Survey of India-reg."

संग्रहालय-थानेसर

hdr_qutb

पुरातत्‍वीय संग्रहालय, थानेसर

शेख चिल्‍ली परिसर के भीतर स्‍थित इस संग्रहालय में कुरूक्षेत्र और भगवानपुरा के स्‍थलों से उत्‍खनन के दौरान प्राप्‍त की गई पुरात्‍वीय वस्‍तुएं मौजूद हैं।

8 दीवारों और 4 मुक्‍त रूप से खड़ी प्रदर्शन मंजुषाओं वाली कुरूक्षेत्र दीर्घा में विभिन्‍न सांस्‍कृतिक अवधियों की चयनित वस्‍तुएं प्रदर्शित हैं। उत्‍खनन ने कुषाण (1-3 शताब्‍दी ई.), गुप्‍त (4-6 शताब्‍दी ई.) और राजपूत (8-12 शताब्‍दी ई.) तक की 6 सांस्‍कृतिक अवधियों को उजागर किया है। इस दीर्घा में रखी गई महत्‍वपूर्ण वस्‍तुओं में कुछ उत्‍कृष्‍ट मूर्तिकला के नमूनों के अलावा मुद्राएं और मुद्रांकन, टेराकोटा की मूर्तिकाएं, टेराकोटा की पटिया, गहने, तलवार इत्‍यादि शामिल हैं।

भगवानपुरा दीर्घा की वस्‍तुओं में, कुरूक्षेत्र के पूर्वोत्‍तर 24 कि.मी. की दूरी पर श्रावस्‍ती के दाहिने तट पर स्‍थित भगवानपुरा के उत्‍खनित स्‍थल की वस्‍तुएं शामिल हैं। इस स्‍थल पर उत्‍खनन ने संस्‍कृतियों की दोहरी श्रृंखला को उजागर किया।

इस हड़प्‍पा स्‍थल का महत्‍व इसलिए है क्‍योंकि यह टीले के अधिवास के बाद के चरणों में परवर्ती हड़प्‍पा संस्‍कृति के साथ चित्रित भूरे भांड वाली संस्‍कृति के अंतर्मिलन को दर्शाता है। प्राप्‍त हुई महत्‍वपूर्ण वस्‍तुओं में कूबड़ वाले सांड के आकार वाली इन्‍द्रगोप की हार की लटकन, टेराकोटा के मनकों की विभिन्‍न किस्‍में तथा साथ ही अल्‍प मूल्‍यवान नगीने, पात्र और अखण्‍डित कब्रों के नमूने शामिल हैं।

घूमने का समय : 10.00 बजे पूर्वाह्न से 5.00 बजे अपराह्न तक
बंद रहने का दिन – शुक्रवार

इसके बारे में जानें
संपर्क विवरण:
श्री जितेंद्र शर्मा,
सहायक पुरातत्त्ववेत्ता,
पुरातत्व संग्रहालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण,
शेख चिली का मकबरा, थानेसर, हरियाणा
पीएच: 01744-235 9 22 (टी-एफ)
Facebook Twitter