"No fee shall be charged at Bodh Stupa, Sanchi, M.P on 28th November, 2021 on account of Sanchi Mahotsav, 2021""Internship Programme in Archaeological Survey of India-reg."

टिकट द्वारा प्रवेश वाले स्मारक-असम अहोम राजा का महल, गढ़गांव

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अहोम राजा का महल, गढ़गांव

गढ़गांव (अक्षांश 26° 58′ उत्तर; देशांतर 94° 41′ पूर्व) चार शताब्दियों से भी अधिक समय तक अहोम राजाओं के शासन का प्रमुख केंद्र रहा। ऐतिहासिक स्रोतों से पता चलता है कि 15वें अहोम राजा, सुकलेंगमंग ने गढ़गांव को अपनी राजधानी बनाया और ईसवी सन 1540 में लकड़ी और अन्य अस्थायी सामग्री से इस महल का निर्माण करवाया। बाद में राजा प्रमत्त सिंह ने राजधानी के परिसर में ईंट की दीवार और पत्थर का प्रवेश द्वार बनवाया। वर्तमान बहुमंजिली इमारत को ईसवी सन 1752 में राजा राजेश्वर द्वारा बनवाया गया था। भवन निर्माण के लिए स्मारक से कच्चा माल प्राप्त करने के कारण यह किला और शाही परिसर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त और विरूपित हो गया था। किले के परिसर में मौजूद संरचनात्मक अवशेष अहोम राजाओं के बीते दिनों के मूक गवाहों के रूप में खडे हैं।

यह स्मारक चार मंजिला भवन है जो क्रमश: पश्चगामी तलों से बना है। ऊपरी मंजिल की गुम्बद नुमा छत है और उसमें एक कक्ष है। मूलत: इसमें चार बुर्ज थे जिसमें से अब दो दिखाई देते हैं। भूतल में पश्चिम की ओर खुलने वाले तीन हॉल हैं जिनके आगे और पीछे कक्ष (कोठरियां) बने हुए हैं।

खुलने का समय : सूर्योदय से सूर्यास्त तक

प्रवेश शुल्क: भारतीय नागरिक और सार्क देशों (बंगला देश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव और अफगानिस्तान) और बिमस्टेक देशों (बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, थाईलेंड और म्यांमार) के पर्यटक 15/-रूपए प्रति व्यक्ति
अन्य: 200/- रूपए प्रति व्यक्ति

(15 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है)।

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