Home

मुख्य पृष्ठ   :   संपर्क करें   :   साईट मैप  :खोजें :  English   

New Page 1
About Us
  परिचय 
  स्मारक
  उत्खनन 
  संरक्षण तथा परिरक्षण
  पुरालेखीय अध्ययन 
  संग्रहालय 
  विधान
  प्रकाशन
  पुरातत्व संस्थान 
  केंद्रीय पुरावशेष संग्रह
  राष्ट्रीय मिशन 
 

केंद्रीय पुरातत्व पुस्तकालय 

 

अन्तर जलीय पुरातत्व

 

विदेशों में गतिविधियाँ 

 

उद्यान

 

छायाचित्र चित्रशाला

 

सिंहावलोकन 

 

चलचित्र 

 

सूचना का अधिकार अधिनियम 

मुख्य पृष्ठ > राष्ट्रीय मिशन >
राष्ट्रीय मिशन - स्मारक चिह्न एंव प्राचीन कालीन वस्तु

 

राष्‍ट्रीय स्‍मारक तथा पुरावशेष मिशन

भारत के पास प्रागैतिहासिक समय से निर्मित विरासत, पुरातत्‍वीय स्‍थलों तथा अवशेषों के रूप में असाधारण रूप से मूल्‍यवान, विस्‍तृत तथा विविध सांस्‍कृतिक विरासत हैं । बड़ी संख्‍या में स्‍मारक ही उत्‍साहवर्धक हैं तथा ये सांस्कृतिक विचार तथा विकास दोनों के प्रतीक हैं । अब ऐसा प्रतीत होता है कि भारत की विरासत को संस्‍थापित करना इसके विद्यमान होने में शासित प्रक्रिया तथा किस तरह यह विरासत लोगों से संबंधित है, के अतीत के हमारे ज्ञान, समझ तथा शायद रुचि में कुछ मूलभूत कमी हुई है जो सांस्‍कृतिक रूपों में व्‍यक्‍त इसके आविर्भाव औद्योगिक वृद्धि के युग में तेजी से बदल रही जीवन शैली में अपनी पारम्‍परिक महत्‍ता को खो रहे हैं ।

तथापि, डाटाबेस के रूप में ऐसा कोई व्‍यापक रिकार्ड नहीं है जहां इस प्रकार के पुरातात्‍विक संसाधनों को निर्मित विरासतों, स्‍थलों तथा पुरावशेषों के रूप में सन्‍दर्भित किया जा सकता है । इसके परिणामस्‍वरूप हमारे देश में सीमित, गैर-नवीकरणीय तथा गैर-प्रतिवर्ती संसाधन भावी पीढ़ियों के लिए कोई रिकार्ड रखे बिना तेजी से विलुप्‍त हो रहे हैं । अत: इस प्रकार के संसाधनों के उपयुक्‍त सर्वेक्षण की तुरन्‍त आवश्‍यकता है और इसके आधार पर एक उपयुक्‍त   पुरातात्‍विक विरासत संसाधन प्रबंधन तथा नीति तैयार की जा सकती है।

उपरोक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में, भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने वर्ष 2003 में स्‍वतंत्रता दिवस पर राष्‍ट्रीय मूर्त विरासत मिशन स्‍थापित करने की घोषणा की थी। तदनुसार 19 मार्च 2007 को राष्‍ट्रीय स्‍मारक तथा पुरावशेष मिशन की स्‍थापना की गई ।

समय सीमा तथा क्षेत्र

राष्‍ट्रीय स्‍मारक तथा पुरावशेष मिशन का प्रत्‍येक राज्‍य तथा संघ-शासित क्षेत्र में स्‍वतंत्र कार्य प्रणाली नीति सहित पूरे देश में अपनी गतिविधियां शुरू करने का प्रस्‍ताव है । यह परिकल्‍पना की जाती है कि मिशन का उद्देश्‍य पांच वर्षों अर्थात् 2007-2012 की निर्धारित समय सीमा में प्राप्‍त कर लिया जाना चाहिए ।

 

 

 
निर्मित विरासत और स्थाल पुरावशेष
मिशन का उद्देश्यर 
गतिविधियां 
राष्ट्री य स्माररक तथा पुरावशेष मिशन 
एस.बी. ओटा, निदेशक राष्ट्री य स्माररक तथा पुरावशेष मिशन भारतीय पुरातत्वी सर्वेक्षण 
24, तिलक मार्ग, नई दिल्ली - 110001 दूरभाष: 23070651 0-9868146097(मोबाइल)

श्रीमती शुभद्रा प्रमाणिक,
अधीक्षण पुरातत्व्विद्, 23070582(टी/एफ)

मिशन कार्यालय
23073837

 

 
About Us