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भा.पु.स.
द्वारा
अनुरक्षित
उद्यान दो
श्रेणियों
के हैं:-
·
ऐसे
जो स्मारक
से संबंधित
हैं मूल
डिजाइन के
एक भाग के
रूप में
जिनके चारो
ओर बाग थे,
तथा
·
ऐसे
जो सामान्यतया
इतने विस्तृत
नहीं थे, जो
मूल रूप से
बगीचों से
संलग्न न
रहते हुए स्मारकों
की सुन्दरता
के लिए बने
थे ।
प्रथम
श्रेणी के
अन्तर्गत
मुगलों
द्वारा
बनवाए गए स्मारक
आते हैं जो
अलंकृत
बगीचों तथा
फल
उद्यानों
के प्रति
अपने प्रेम
के लिए
प्रसिद्ध
हैं । ऐसे
मामलों में,
सज्जा तथा
सिंचाई
दोनों के
लिए
प्राचीन
फूलों की क्यारियां
तथा जल
चैनलों से
उनका संबंध
अभी भी
विद्यमान
है । ऐसे स्मारकों
में
हुमायूं का
मकबरा,
सफदरजंग का
मकबरा, लाल
किला, बीबी
का मकबरा,
औरंगाबाद,
पिंजौर स्थित
महल, अकबर का
मकबरा,
सिकन्दरा,
इतमद-ऊ-द्दीन
का मकबरा
तथा आगरा स्थित
रामबाग तथा
सर्वाधिक
आगरा स्थित
ताज शामिल
हैं । इन स्मारकों
से जुड़े
बगीचों का
रखरखाव
वास्तव में
एक कठिन
कार्य है, क्योंकि
किसी भी नए
विन्यास
को मूल
डिजाइन के
अनुसार
होना चाहिए
तथा इसकी
अनुरूपता,
इसके मूल
निर्माता
के विचारों
से होनी
चाहिए । इन
अलंकृत
बगीचों का
रखरखाव एक
आवश्यकता
है जो स्वयं
स्मारक के
रखरखाव से
भी कम नहीं
है क्योंकि
इनके बिना
स्मारक
अपूर्ण हैं
। अन्य
मामलों में
उदाहरण के
लिए दिल्ली
स्थित
कुतुब तथा
लोधी स्मारक
के बगीचे
प्रारम्भिक
रूप से स्मारक
के लिए एक व्यवस्था
उपलब्ध
कराते हैं
तथा इसके
आसपास के
भाग को
आकर्षित
बनाते हैं ।
पहली
श्रेणी के
बगीचों के
मुकाबले
इनके
अभिविन्यास
में अधिक स्वतंत्रता
होती है ।
कई
मामलों में
जहां
भूदृश्य
शुष्क तथा
उबड़-खाबड़
होता है, लॉन
बना कर तथा
कुछ
वृक्षों और
झाड़ियों
के माध्यम
से
पर्यावरण
को विकसित
किया जाता
है । ऐसे स्मारकों
के लिए जो
बड़े शहरों
के भीतर या
पास होते
हैं और
बड़ी संख्या
में
दर्शकों को
आकर्षित
करते हैं के
लिए सामान्यता
अधिक
शानदार
बगीचों की
योजना बनाई
जाती है,
किन्तु इस
तथ्य को
नजरअंदाज
नहीं किया
जाता कि
पुरातत्वविदों
का मुख्य
उद्देश्य
सार्वजनिक
बगीचे
तैयार करना
नहीं है ।
किसी भी
श्रेणी के
बगीचे में,
बगीचों के
आधुनिकीकरण
के विरूद्ध
सावधानी
बरती जाती
है ।
उद्यान
शाखा
पूर्व
गेट की पास
ताजमहल,
आगरा
(कोड:
0562)
डॉ.
हरबीर सिंह
प्रमुख
उद्यानविद्
फोन: 2330125 (टी-एफ), 2332096,
233053
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